वीडियो फुटेज के आधार पर 30 - 40 अन्य लोग भी चिन्हित किए जा रहे हैं - एसपी
आजमगढ़: जिले के तरवां थाना परिसर में छेड़खानी के एक आरोपी द्वारा शौचालय में फंदा लगाकर आत्महत्या करने की घटना ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए उग्र प्रदर्शन करते हुए पथराव और तोड़फोड़ कर दी थी। पुलिस ने आज इस सिलसिले में 13 नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति पर मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है। तरवां थाना क्षेत्र के उमरी गांव की रहने वाली एक छात्रा ने थाने पर गांव के ही सनी कुमार (21) पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस उसे हिरासत में थाने ले गई और उसका चालान भी नहीं किया । परिजन खाना लेकर जा रहे थे तो मिलने भी नहीं दे रहे थे। परिजनों का आरोप था कि सनी को रविवार की रात में ही मार दिया गया था। इसके बाद शव को बिना दिखाए ही उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इससे क्षुब्ध कुछ लोगों ने प्रदर्शन के दौरान परमानपुर चौराहे पर 30-40 अज्ञात व्यक्तियों के साथ 13 नामजद लोगों व एक अज्ञात ने लाठी-डंडे और ईंट-पत्थरों से पुलिस पर हमला किया, थाने के सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त किया और चौराहे पर जाम लगा दिया। पुलिस द्वारा नामजद प्रदर्शनकारियों में बलवंत (गाजीपुर), महेश सोनी, अजय कुमार, मधुबन राम, चंदन राम, राकेश यादव, रोहित कुमार, विशाल सिंह, मुकेश कुमार, संजय राम, महेश कुमार, जैकी और शिवम शामिल हैं। भीड़ ने पुलिस पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी दी और हमला किया, जिसमें मॉनिटरिंग सेल प्रभारी अखिलेश मौर्य का पैर टूट गया, जबकि कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए। उपद्रवियों ने थाना सिधारी के सरकारी वाहन के शीशे, हेडलाइट और बोनट को तोड़ दिया। बाजार की दुकानों को भी नुकसान पहुंचाया गया। घटना को नियंत्रित करने के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची, जिसमें महाराजगंज, कंधरापुर, फूलपुर, बरदह, तहबरपुर, गंभीरपुर और मेंहनगर के थाना प्रभारी शामिल थे। सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक चले इस प्रदर्शन के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति पर काबू पाया। घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने 13 नामजद और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के साथ ही विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया है। इससे पहले, मृतक के परिजनों की तहरीर पर थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर भी एफआईआर दर्ज हो चुकी है। एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर थानाध्यक्ष सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ मुकदमा भी पंजीकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस व प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। एसपी ने बताया कि कानून को हाथ में लेकर थाने में तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने के मामले में 13 नामजद और एक अज्ञात पर एफआईआर दर्ज किया गया है। वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य व्यक्तियों को भी चिन्हित किया जा रहा है। आरोपियों की तलाश की जा रही है और पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए है।
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