03 डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम, गले में फंदा कसने से हुई मौत
आजमगढ़ : जिले के तरवा थाना के लॉकअप में सोमवार की सुबह ओहनी पट्टी निवासी युवक की मौत के मामले में थाना प्रभारी तरवां कमलेश कुमार, दरोगा भीम सिंह और सिपाही प्रमोद यादव को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं मौके पर कमिश्नर विवेक, डीआईजी सुधीर कुमार सिंह, डीएम नवनीत चाहाल व एसपी हेमराज मीणा ने पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया। एसपी हेमराज मीणा ने मीडिया को बताया कि मौत की जांच एसपी सिटी शैलेंद्र लाल से कराई गई। वहीं उन्होंने बताया कि युवक सनी कुमार पर स्थानीय एक युवती ने आरोप लगाया था कि वह छेड़खानी करता है। 29 मार्च को जनता दरबार में शिकायत की गई थी। जिसके बाद 30 मार्च को मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज करने के बाद सनी की गिरफ्तारी की गई थी। 31 मार्च को उसका चालान होना था। सुबह वह थाने के ही टॉयलेट में गया था। वहीं उसने लोअर के नाड़े से फंदा लगा लिया। युवक को कहीं से कोई प्रताड़ित नहीं किया गया है। सुबह जैसे ही फंदा लगाने की जानकारी हुई उसको तत्काल अस्पताल ले जाया गया। जहां मौत की पुष्टि होने पर उसको पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। मौत की जानकारी होने पर परिजनों के आक्रोशित होने पर उनको समझाया गया। वहीं सुप्रीम कोर्ट व मानवाधिकार आयोग की गाइडलाइन के अनुसार तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। जिसकी वीडियो ग्राफी भी कराई गई। डीएम ने मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश भी दिए हैं। पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ के मामले में उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति शांत है। कानून व्यवस्था को किसी को भी हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।
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