रानी की सराय ब्लाक के सरायपोही का मामला, हारे और जीते दोनों को दे दिया प्रमाण पत्र
आजमगढ़: चुनाव में जीत के बाद प्रमाण पत्र मिला और उसके बाद जश्न भी मना, लेकिन उस जश्न पर अब उहापोह के बादल मंडरा रहे हैं। कारण कि मतगणना पूरी होने के बाद एक को उसी दिन विजयी होने का प्रमाण पत्र दे दिया गया तो हारे प्रत्याशी को भी उसके बाद प्रमाण पत्र दे दिया गया। दोनों ही विजय का प्रमाण पत्र लेकर घूम रहे हैं। ग्रामीणों की समझ में नहीं आ रहा कि असली बीडीसी सदस्य है कौन। हुआ यह कि इलेक्शन कमीशन की साइट पर विजेता की जगह पराजित का नाम अंकित हो गया। इधर पांच दिन पूर्व उसे भी प्रमाण पत्र जब मिल गया तो विजेता ने संबंधित को प्रार्थना प्रेषित कर जांच की गुहार लगाई है। रानी की सराय ब्लाक के सरायपोही गांव निवासी रीमा यादव पत्नी विजय प्रताप यादव ने जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ अन्य अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि प्रार्थिनी क्षेत्र पंचायत सरायपोही से सदस्य क्षेत्र पंचायत का चुनाव लड़ी थी। प्रार्थिनी के विरुद्ध ऊषा पत्नी वीरेंद्र व प्रियंका पत्नी अविनाश प्रत्याशी थीं। मतगणना के समय प्रार्थीनी को 408 मत, ऊषा को 393 मत एवं प्रियंका को 205 मत प्राप्त हुआ। प्रार्थिनी को 15 मतों से विजेता घोषित किया गया। मतगणना स्थल पर उसी दिन विजय प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया गया। बाद में पता चला कि नेट पर फीड करते समय गलती से हारी प्रत्याशी ऊषा का नाम जीते हुए प्रत्याशी के स्थान पर फीड कर दिया गया। इस बाबत ब्लाक पर टाइप बाबू को प्रार्थना पत्र दिया गया, क्योंकि आरओ छुट्टी पर थे। इधर प्रार्थिनी को पता चला कि प्रार्थिनी को बिना कोई सूचना दिए व सुने बिना ही हारे प्रत्याशी के पक्ष में भी जीत का प्रमाण पत्र निर्गत कर दिया गया। ब्लाक के चुनाव अधिकारी सुनील कुमार ने कहा कि विजेता को उसी दिन प्रमाण पत्र दे दिया गया था। गलत फीडिंग के कारण अगर कुछ गड़बड़ हुआ है तो उसके बारे में कुछ नहीं कह सकते। वहीं खास बात यह कि दोनों के प्रमाण पत्र पर उन्हीं का हस्ताक्षर है।
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