बाहुबली विधायक की रिमाड मंजूर, 24 मई को होगी अगली सुनवाई
15 मिनट में अपनी बेगुनाही में कई दलीलें पेशकर उठाई जांच की मांग
आजमगढ़ : मऊ सदर के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की पेशी गुरुवार को वीडियो काफ्रेंसिंग के जरिए अपर जिला व सत्र न्यायाधीश जितेंद्र यादव के गैंगस्टर कोर्ट में हुई। लगभग 15 मिनट की सुनवाई में आरोपित ने अपने बचाव में कई दलीलें पेश करते हुए जांच की माग उठाई। कहा, मुझे साजिशन फंसाने के लिए तरवा थाना क्षेत्र में हुई हत्या के छह वर्ष बाद गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया गया है। विद्वान जज ने न्यायिक रिमाड की कार्यवाही पूरी होने के बाद सुनवाई की और अगली तिथि 24 मई तय की। आदेश दिया कि विवेचक प्रशांत श्रीवास्तव बांदा जेल जाकर मुख्तार अंसारी का बयान दर्ज कर सकेंगे। मुख्तार को सुबह साढ़े दस बजे न्यायालय में पेश होना था। इसे देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, लेकिन कोविड संक्रमण के चलते दोपहर 1.10 बजे वीडियो काफ्रेंसिंग के जरिये रिमाड पर सुनवाई शुरू होकर 1.25 बजे तक चली। मुख्तार ने कहाकि मजदूर की हत्या में मुझे फर्जी मुल्जिम बनाया गया है। उस समय मैं आगरा जेल में बंद था। मैं 16 वर्षो से गाजीपुर गया ही नहीं जबकि इस केस में गाजीपुर की पेशी को आधार बनाया गया है। मैं पांच बार का विधायक हूं, मुझसे भाजपा हारी है। सत्ता में आने के बाद मेरी हत्या की साजिश रची जा रही है। उसने जेल मैनुअल 432 की अनदेखी की शिकायत दर्ज कराते हुए अपने लिए सुविधाएं मागी। जमानत की भी माग उठाई, जिस पर विद्वान न्यायाधीश ने कहाकि प्रार्थनापत्र पड़ेगा तो विचार किया जाएगा। अधिवक्ता दारोगा सिंह, लल्लन सिंह व सीएल निगम ने भी मुख्तार के पक्ष में कई दलीलें पेश की। विशेष लोक अभियोजक संजय द्विवेदी व विनय मिश्र भी उपस्थित थे। क्या है पूरा मामला : वर्ष 2014 में आजमगढ़ के तरवा थाना क्षेत्र के ऐरा खुर्द गाव में मजदूर की गोली मारकर हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने मुख्तार अंसारी को हत्या का षड्यंत्र रचने का ओरोपित नामजद करते हुए उसके समेत नौ लोगों के खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया था।
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