सुविधाओं की जांच के साथ ही पात्र व अपात्र के पास शौचालय है कि नहीं, रिपोर्ट दें आजमगढ़। जिलाधिकारी शिवाकान्त द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने गांव गोद लिए गये समस्त जनपदीय अधिकारी (राज्य पोषण मिशन से संबंधित) तथा नोडल अधिकारियों को उन्हांेने निर्देशित करते हुए कहा कि गोंद लिए हुए गांव में जाकर शौचालय बना है कि नही इसकी जांच करें तथा इसी के साथ-साथ यह भी देखें कि बेस लाइन सर्वे में कितने लोग शौचालय के लिए पात्र हैं। इसकी सूची प्राप्त करें तथा इसी के साथ उन्होंने कहा कि बेस लाइन सर्वे के अलावां कितने लोग ऐसे हैं जो पात्र हैं लेकिन उनके पास शौचालय नही है और गरीब हैं, उसकी सूची बनाकर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने समस्त नोडल अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सप्ताह में एक बार अपने गोंद लिए हुए गांव में अवश्य जायें। जिलाधिकारी ने समस्त सीडीपीओ/नोडल अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कुपोषण मुक्त गांव योजनान्तर्गत गांव को कुपोषण मुक्त करने हेतु सबसे पहले गांव को ओडीएफ कराना तथा शौचालय का उपयोग, सामुहिक कूड़ेदान की व्यवस्था कराना, गांव के पानी के निकलने की व्यवस्था कराना, सुरक्षित पेय जल, बोरिंग के साथ-साथ लिक्विड एवं साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था कराना सुनिश्चित करें, तभी गांव को कुपोषण मुक्त माना जायेगा। जिलाधिकारी ने कुपोषण मुक्त गांव हेतु 5 वर्ष से कम आयु के अति कुपोषित बच्चों के परिवारों का आंगनवाड़ी कार्यकत्री द्वारा हर माह कम में कम एक गृह भ्रमण करने तथा गर्भवती महिलाओं का एमसीटीएस रजिस्ट्रेशन और मासिक प्रसव जांच (वनज, हीमोग्लोबिन, पेट की जांच, पेशाब की जांच) करने हेतु स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किये हैं। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी/सीडीपीओ मेंहनगर इफ्तेखार अहमद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ0 वी0के0 सिंह, डीपीआरओ आनन्द प्रकाश श्रीवास्तव, डाॅ0 वाई0के0 राय, डाॅ0 परवेज अख्तर, जिला उद्यान अधिकारी बाल कुष्ण वर्मा, बीएसए देवेन्द्र कुमार पाण्डेय, डीआईओएस सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी तथा समस्त संबंधित सीडीपीओ उपस्थित रहे।
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