
विशेष सचिव लखनऊ पी0सी0 श्रीवास्तव ने हेल्पलाइन के सम्बन्ध में कार्यशाला में जानकारी दी
आजमगढ़ 31 मार्च 2018 -- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के अन्तर्गत 500 काॅल सेण्टर एक्जीक्यूटिव की सीटिंग क्षमता (1000 सीटों तक विस्तारणीय) के साथ लखनऊ में एक केन्द्रीयकृत काॅल सेण्टर स्थापित किया गया है। इस हेल्प लाइन के टोल फ्री नं0-1076 पर काॅल कर कोई भी नागरिक काॅल सेण्टर एक्जीक्यूटिव के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है।
उक्त जानकारी एमडी यू0पी0 डेस्को/विशेष सचिव लखनऊ पी0सी0 श्रीवास्तव ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मुख्यमंत्री हेल्पालाइन के सम्बन्ध में कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए दी। इस अवसर पर उन्होने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्प लाइन में नागरिकों के शिकायत, सूचना, मांग एवं सुझाव मामलों कोव्यवहृत किया जायेगा तथा न्यायालय में विचाराधीन मामलें, अन्य राज्य सरकार/केन्द्र सरकार/विदेश सरकारों के विरूद्ध शिकायतों से सम्बन्धित मामलें, शासकीय कर्मचारियों के उनकी सेवा से सम्बन्धित मामलें तथा सूचना का अधिकार अधिनियम से सम्बन्धित मामलें एवं धार्मिक मामलों को मुख्यमंत्री हेल्प लाइन से व्यवहृत नही किया जायेगा। उन्होने बताया कि नागरिकों के उपरोक्त प्रकार के मामलें आईजीआरएस जनसुनवाई (http://jansunwai.up.nic.in), जो कि उ0प्र0 के नागरिकों द्वारा की गयी शिकायतों के प्रभावी निदान एवं अनुश्रवण के लिए एनआईसी द्वारा एक इन्टीग्रेटेड एवं केन्द्रीयकृत कम्प्युटरीकरण सिस्टम है, पर पंजीकृत होगें।
मुख्यमंत्री हेल्प लाइन में आईजीआरएस के अन्तर्गत अधिकारियांे की मैपिंग के सम्बन्ध मंे श्री श्रीवास्तव ने बताया कि नागरीक द्वारा की जाने वाली प्रत्येक शिकायत को निर्धारित शिकायत श्रेणी के अन्तर्गत सम्बन्धित विभाग को आबंटित किया जायेगा। प्रत्येक शिकायत हेतु सम्बन्धित शिकायत श्रेणी के अन्तर्गत स्तर-1 (एल-1) से स्तर-4 (एल-4) अर्थात निम्न से उच्च स्तर के निर्धारित अधिकारियों के लिए अग्रसारण की व्यवस्था होगी। नागरिक की शिकायत सर्व प्रथम निवारण के लिए एल-1 के विभागीय अधिकारी को अग्रसारित होगी। एल-1 का अधिकारी प्रथम स्तर का अधिकारी है जिसका श्रेणीवार शिकायत निवारण की समय-सीमा के साथ निर्धारण विभाग (शासन) स्तर से किया गया है। प्रत्येक शिकायत श्रेणी के अन्तर्गत मैप किए गये 4 स्तरीय विभागीय अधिकारियों के लिए शिकायत निस्तारण की समयसीमा का निर्धारण किया गया है।
एमडी यूपी डेस्को ने आगे बताया कि उ0प्र0 मुख्यमंत्री हेल्प लाइन पर पंजीकृत शिकायतों को सर्व प्रथम सम्बन्धित एल-1 के अधिकारियों को अग्रसारित किया जायेगा जो निर्धारित समयसीमा के अन्तर्गत प्रकरण का निस्तारण करेगें। निर्धारित समयसीमा के अन्तर्गत कृत कार्यवाही अथवा निस्तारण से फीड बैक उपरान्त नागरिक (शिकायतकर्ता) के सन्तुष्ट न होने की स्थिति मंे एक बार पुनः एल-1 के अधिकारी को आधी समयसीमा के साथ प्रकरण अग्रसारित किया जायेगा तथा पुनः फीड बैक उपरान्त शिकायत कर्ता के सन्तुष्ट न होने की स्थिति में विभागीय अग्रसारण मैट्रिक्स के अनुसार एक-एक कर अगले एल-4 तक शिकायत का अग्रसारण किया जायेगा। उन्होने बताया कि नागरिक मुख्यमंत्री हेल्प लाइन के टोल फ्री नं0-1076 पर काॅल कर अपनी शिकायत पंजीकरण करेगें। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन काॅल सेण्टर नागरिकों के काॅल का रिसिव करेगा तथा उनके द्वारा कि जाने वाली शिकायतों का पंजीकरण करेगा। आईजीआरएस पर शिकायतों का पंजीकरण किया जायेगा।
श्री श्रीवास्तव ने आगे बताया कि शिकायत पंजीकरण के पश्चात शिकायत कर्ता एसएमएस के माध्यम से पावती प्राप्त करेगा जिसमें शिकायत पंजीकरण नं0 के साथ शिकायत के विवरण होगे जिसकों भविष्य मंे ट्रैकिंग हेतु प्रयोग किया जा सकेगा इसके अतिरिक्त एसएमएस में एल-1 के अधिकारी जिसे शिकायत अग्रसारित की गयी है, का विवरण भी प्रेषित किया गया है। एल-1 के अधिकारी (सम्बन्धित विभाग के शिकायत निवारण मैपिंग के अनुरूप न्यूनतम स्तर के अधिकारी) को शिकायत स्वतः अन्तरित हो जायेगी तथा एसएमएस जिसमें शिकायत के संक्षिप्त विवरण के साथ पंजीकरण नं0, शिकायतकर्ता का नाम एवं दूरभाष नं0 का विवरण होगे को भी एल-1 के अधिकारी को भेजा जायेगा। एल-1 का अधिकारी आईजीआरएस (http://jansunwai.up.nic.in), पद में लागिन के माध्यम से शिकायत का विवरण प्राप्त करेगा। श्री श्रीवास्तव ने आईजीआरएस का प्रयोग कैसे करे के सम्बन्ध में भी विस्तार से बताया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी शिवाकान्त द्विवेदी ने कहा कि समस्या समाधान की त्वरित प्रक्रिया अपनाए जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन स्थापित किया गया है। उन्होने समस्त अधिकारियों को निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। कार्यशाला में अपर जिलाधिकारीगण, उप जिलाधिकारीगण, एसपी सीटी/ग्रामीण, सीओ एवं विभिन्न विभागों के सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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